पशुओं में पेट के कीड़े मारने की दवा (Deworming) कब और कैसे दें? पूरी जानकारी हिंदी में

पशुओं में पेट के किड्डो के लक्षण व पेट के कीड़े मारने की दवा (Deworming) कब और कैसे दें? पूरी जानकारी हिंदी में

         POST BY VIKASH PAREEK (LIVESTOCK INSPECTOR)

1. डोजिंग (Deworming) क्या है?

डोजिंग का मतलब होता है – पशुओं को पेट के कीड़ों से छुटकारा दिलाने के लिए कीड़े मारने की दवा देना। पेट के कीड़े पशुओं के शरीर से पोषण चूसते हैं, जिससे वजन कम होता है, दूध उत्पादन घटता है, और जानवर बीमार हो जाते हैं।

2. पेट के कीड़ों की पहचान कैसे करें? (Symptoms)

• वजन कम होना

• बाल झड़ना और रुखापन

• दस्त या कब्ज

• कम दूध देना कभी कभी दूध में बदबू भी आती हैं 

• सुस्ती और भूख कम लगना

• छोटे जानवरों में पेट फूला हुआ दिखना

•. गोबर में बदबू आना 

• गोबर के साथ कीड़े 🪱 आना

3. डोजिंग की टाइमिंग और फ्रीक्वेंसी

• बड़े पशु (गाय/भैंस): साल में 2 बार – मार्च-अप्रैल और सितंबर-अक्टूबर

• छोटे पशु (बकरी/भेड़): हर 3-4 महीने में

• बछड़ा/बकरी का बच्चा: 1 महीने की उम्र से शुरुआत और हर 2-3 महीने में दोहराव

4. कौन-कौन सी दवाएं उपयोग करें? (Deworming Medicines List)

दवा का नाम                                      किस पर काम करती है                          डोज

Albendazole 10% (Albomar)  Roundworm, Tapeworm                 7.5–10 mg/kg orally

Fenbendazole                               Roundworm, Lungworm                 5–10 mg/kg

Ivermectin (Hitek)                 External और Internal Parasites        0.2 mg/kg SC (सुई द्वारा)

Oxyclozanide,Levamisole (Exiflukeds+)  Roundworm                        7.5 mg/kg

Closantel                                    Liver flukes, blood parasites             10–15 mg/kg

Rafoxanide                                Liver fluke, Haemonchus                  7.5 mg/kg

5. डोजिंग कैसे करें? (Steps for Dosing)

1. जानवर का वजन अनुमान लगाएं – डोज वजन के अनुसार दें।

2. सही दवा चुनें – बीमारी और मौसम के अनुसार।

3. खुराक मापें – दवा को सिरिंज या डोजिंग गन से दें।

4. भूखे पेट दें – सुबह खाली पेट दवा देना असरदार होता है।

5. 2 घंटे तक खाना न दें – ताकि दवा का असर सही हो।

6. सभी जानवरों को एक साथ डोज करें – कीड़े दोबारा न फैलें।

7. दूध देने वाले पशु के लिए Withdrawal Period रखें – दूध में दवा न जाए।

6. सावधानियां (Precautions)

• हमेशा वेटनरी डॉक्टर से सलाह लेकर दवा दें।

• दवा की एक्सपायरी और स्टोरेज देखें।

• गर्भवती जानवरों को कुछ दवाएं न दें – जैसे Albendazole पहले 45 दिन में नहीं देनी चाहिए।

• दूध और मांस के लिए Withdrawal Period का पालन करें।

7. प्राकृतिक उपाय (Home Remedies – पूरक उपाय)

• नीम की पत्तियां (बकरी के लिए)

• हल्दी और अजवाइन मिलाकर पिलाना

• गाय को गौमूत्र (छानकर) देना

(ये केवल सपोर्टिव हैं, पूरी तरह भरोसेमंद इलाज नहीं हैं।)

8. निष्कर्ष (Conclusion)

पशुओं में पेट के कीड़े एक आम लेकिन गंभीर समस्या है। समय पर डोजिंग से पशु स्वस्थ रहते हैं, उत्पादन अच्छा होता है और दवा का खर्च भी कम पड़ता है। हमेशा दवा का सही चुनाव, सही मात्रा और सही समय पर देना जरूरी है।

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